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अखिलेश को शिवपाल का करारा जवाब ,रामगोपाल को किया पार्टी से बाहर

The Nachiketa की खबर पर एक बार फिर मुहर लगी है।आज जब अखिलेश यादव ने शिवपाल सहित चार मंत्रियों को कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखाया था ,तब उसपे हमने एक खबर लिखी थी जिसमें हमने अपने विश्वस्त सूत्रों के हवाले से लिखा था कि यादव परिवार में मचे घमासान को हवा देने में प्रो०रामगोपाल का नाम सामने आ रहा है।इसके बारे में हमने बताया कि ऐसा वो सीबीआई के दवाब में कर रहे हैं,जो उनके और उनके बेटे अक्षय यादव के खिलाफ यादव सिंह से जुड़े भ्रस्टाचार के एक मामले की जाँच कर रही है।हमारे खबर लिखने के एक घण्टे बाद ही शिवपाल यादव ने रामगोपाल को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया ।
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इसकी घोषणा के लिए उन्होंने जो प्रेस वार्ता की उसमें उन्होंने सीधे शब्दों में वही बातें दोहरायी जो हमने आपको पहले ही बताया था।शिवपाल ने कहा कि रामगोपाल खुद को और अपने परिवार को बचाने के लिए सीबीआई के हाथों का मोहरा बन गये हैं।उन्होंने रामगोपाल पर आरोप लगाया कि सीबीआई जांच से बचने के लिये बीजेपी के एक बड़े नेता से तीन बार मुलाकात की ,और इन्ही मुलाकातों में उन्हें समाजवादी पार्टी को तोड़ने का जिम्मा दिया गया।

शिवपाल ने कहा कि कुछ लोग मुख्यमंत्री को बरगला रहे हैं,लेकिन मुख्यमंत्री ये बात समझ नहिं पा रहे हैं।शिवपाल ने रामगोपाल की बर्खास्तगी की खबर मीडिया को बताते हुए कहा कि मुलायम सिंह यादव के निर्देशानुसार वो ये काम कर रहे हैं।नेताजी ने रामगोपाल को पार्टी से छः साल के लिये निकालने का फैसला किया है।वो लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे।शिवपाल ने ये भी कहा कि रामगोपाल प्रोफेसर हैं लेकिन वो गलत शिक्षा दे रहे हैं।
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वहीं रामगोपाल ने खुद को पार्टी से निकाले जाने के बाद कहा कि उन्हें पार्टी से निकाले जाने का कोई अफ़सोस नहीं है लेकिन खुद पर किये गए व्यक्तिगत हमलों से वो आहत हुए हैं।साथ ही उन्होंने कहा कि वो पार्टी में रहें या न रहें ,अखिलेश का साथ देते रहेंगे।वहीं इस दंगल में हमारे सूत्र जो नई खबर दे रहे हैं वो ये है कि अखिलेश नयी पार्टी बना सकते हैं।इसके लिये रामगोपाल चुनाव आयोग में आवेदन भी दे चुके हैं ।पार्टी का नाम समाजवादी पार्टी (ए)यानि (अखिलेश )रखा जा सकता है।
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वहीं अखिलेश नये जमाने के हिसाब से पिता की पुरानी सायकल छोड़ अपनी नई मोटरसायकल पर चढ़ने की तैयारी में हैं यानी की उन्होंने चुनाव चिन्ह के रूप में मोटरसायकल की मांग चुनाव आयोग से की है।ये योजना क्या रूप लेती है ये तो वक्त ही बतायेगा।
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फ़िलहाल तो सबकी नजर मुलायम सिंह यादव द्वारा पार्टी विधायकों और पदाधिकारियों की कल बुलाई बैठक पर है।जिसमें वो कुछ कड़े फैसले ले सकते हैं,यहां तक की अखिलेश को हटाकर खुद मुख्यमंत्री भी बन सकते हैं

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