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संघ:नये दौर में देश,नये दौर का गणवेश

Mohan bhagwat in new ganvesh
Mohan bhagwat in new ganvesh

कल विजयदशमी के मौके पर आरएसएस ने अपना 91वां स्थापना दिवस मनाया।इसे दशहरा उत्सव भी कहा जाता है,क्योंकि आज से 91 वर्ष पहले 1925 में विजयदशमी के दिन ही डॉ केशव बलिराम हेडगेवार ने आरएसएस की स्थापना की थी।तब से अब तक संघ की पहचान रही खाकी निक्कर की जगह अब भूरे रंग की फूल पैंट ने ले ली है।ऐसा संघ ने खुद को समय के साथ बदलने और ज्यादा से ज्यादा युवाओं को अपने साथ जोड़ने के मकसद से किया।विजयादशमी उत्सव को संघ के मुख्यालय नागपुर में संबोधित करते हुए आरएसएस के सरसंघ चालक मोहन भागवत ने क्या क्या कहा ,आइये हम आपको देते हैं इसकी संक्षिप्त जानकारी ।
मोहन भागवत ने उरी हमले के बाद सेना द्वारा की गयी सर्जिकल स्ट्राइक की प्रशंसा की और कहा कि सेना ने एक बार फिर देश का मस्तक गर्व से ऊंचा किया है।साथ ही उन्होंने राजनैतिक इच्छा शक्ति दिखाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ की और कहा कि अब केंद्र में निर्णय लेने वाली सरकार है।भागवत ने पाकिस्तान को चेताते हुए कहा कि मीरपुर,गिलगिट-बाल्टिस्तान सहित पूरा पाक अधिकृत कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और भारत इसे लेकर रहेगा।भागवत ने मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि यशस्वी नेतृत्व ने पाकिस्तान को पूरे विश्व में अलग थलग कर दिया है ।भारत धीरे धीरे ही सही विकास की पटरी पे दौड़ने लगा है ,कुछ शक्तियों को ये बर्दाश्त नहीं हो रहा,इसलिए वो भारत में अशांति फैलाना चाहते हैं।उन्होंने आगे कहा कि कश्मीर के युवाओं को सीमा पार से बरगलाया जा रहा है और उन्हें फण्ड भी मुहैया कराया जा रहा है। भारत सरकार ने जिस तरह कश्मीर समस्या पर ध्यान दिया है वो बधाई योग्य है।सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने वालों पर वो अन्य बीजेपी संघ के नेताओं के मुकाबले संयमित रहे और सुलझी बात की उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का काम ही है सवाल उठाना।उन्होंने गौरक्षकों के मुद्दे पर भी बात की और कहा की संविधान के दायरे में रहकर गौरक्षा होनी चाहिए।ये हमारे संविधान के ‘राज्य के नीति निर्धारक सिद्धांतों ‘में शामिल है।प्रशासन को गौरक्षकों और शरारती तत्वों में फर्क करना चाहिए।साथ ही उन्होंने सभी को शिक्षा दिए जाने की वकालत की और कहा कि ये व्यवसाय नहीं है ,ये सभी का हक है।साथ ही उन्होंने कश्मीरी पंडितों को भी न्याय दिलाने की बात की ।उन्होंने कहा  की भारत में कुछ तो खास है तभी तो जहाँ ग्रीक,इजिप्ट,रोमन सभी तबाह हो गए ,हम अभी भी उतने ही मजबूती से खड़े हैं।इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी,महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित हजारों की संख्या में आरएसएस के के स्यंवसेवी मौजूद थे।

Devendra fadnavis,nitin gadkari in previous dashahara utsav (2015)
Devendra fadnavis,nitin gadkari in previous dashahara utsav (2015)

इन सब बातों में सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र रही स्वयंसेवकों द्वारा पहनी गयी फूल पैन्ट।आपको बता दें कि इससे पहले भी कई बार आरएसएस के ड्रेस में बेल्ट,जुटे,मोज़े,टोपी आदि बदली गयी है।लेकिन हाफ पैंट शुरू से संघ की पहचान रही थी ,जो अब इतिहास बन गयी है।संघ में इस ड्रेस को गणवेश कहते हैं।

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