Home / Political / जानिए किस बात पर मोदी से सहमत हुए केजरीवाल और विश्वास

जानिए किस बात पर मोदी से सहमत हुए केजरीवाल और विश्वास

images-15

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विजयदशमी के दिन दशहरा मनाने लखनऊ के ऐतिहासिक ऐशबाग मैदान पहुंचे।यहां रामलीला समिति द्वारा उनका सम्मान किया गया।उन्हें सम्मान में कृष्ण का सुदर्शन चक्र,राम का धनुषवान और हनुमान की गदा दी गयी।प्रधानमंत्री ने यहां उपस्थित जनता को संबोधित भी किया।उपस्थित लोगों से कहा कि रावण ने एक माँ सीता का अपहरण किया तो हम आजतक उसे जला रहे हैं और आज भी हमारे समाज में लाखों सीता को गर्भ में ही मार दिया जाता है,ऐसा करने वाले अपने मन के रावण को हम कब जलाएंगे।अगर हम राम नहीं बन सकते तो कम से कम जटायु बन कर अन्याय का विरोध तो कर सकते हैं ?

प्रधानमंत्री ने उरी अटैक और सर्जिकल स्ट्राइक पे भी बात की ,उन्होंने कहा कि आतंक को पनाह देने वालों को सबक सिखाया जायेगा।साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि हम युद्ध में नहिं बुद्ध में विश्वास रखते हैं,युद्ध हमारे लिए आखिरी विकल्प होगा। उन्होंने जटायु को दुनिया में सबसे पहले आतंकवाद से लड़ने वाला बताया,और कहा कि हमें भी आतंक के खात्मे में अपना योगदान देना होगा।प्रधानमंत्री ने सांकेतिक तीर चलाकर रावण वध भी किया।

images-14-300x187हालांकी रावण का वध  उनके वहां से चले जाने के बाद हुआ।ऐसा उनकी सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखकर हुआ।उनके भाषण के दौरान ही रावण के पुतले में आग लगने की खबर आयी ,हालांकि इसे काबू में कर लिया गया और उनके जाने के बाद ही इसमें आग लगायी गयी।
पहले से ही विपक्ष का आरोप था कि प्रधानमंत्री का ये दौरा राजनैतिक है,प्रधानमंत्री ने यहां कोई राजनैतिक बात तो नहीं की लेकिन उनके संबोधन में बोले गये तीन शब्दों ने राजनैतिक गलियारे में खलबली मचा दी।ये तीन शब्द थे ‘जय श्री राम’।

उन्होंने भाषण शुरू करते समय और भाषण समाप्त करते समय लोगों से जय श्री राम का उद्घोष लगवाया।अगर आप सोच रहे हैं कि इसमें हलचल मचने वाली कौन सी बात है तो हम आपको बताते हैं,जय श्री राम भाजपा के राम मंदिर आंदोलन का सबसे प्रमुख उद्घोष था ,और भाजपा के कार्यकर्ता पुरे देश में इसका उद्घोष करते रहते थे।इसलिए जैसे ही प्रधानमन्त्री ने श्री राम को याद किया यूपी की चुनावी फिजा में फिर से राम जी का वनवास खत्म होने का संकेत मिलने लगा।सपा,बसपा,और कांग्रेस ने जहां इसे प्रधानमंत्री की सोची समझी रणनीति बताया,तो  वहीं प्रधानमंत्री को साथ मिला वहां से जहाँ से उन्हें इसकी बिलकुल उम्मीद नहीं रही होगी।ये साथ था दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कवि एवं आप के वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास की तरफ से ।

pixlr_20161012111219120-300x300

जब प्रधानमंत्री ने लखनऊ में जय श्री राम का उद्घोष लगाया।तो पहले विश्वास और फिर बाद में अरविन्द केजरीवाल ने ट्विटर पे जय श्री राम का उद्घोष किया।

 

जो कई लोगों को चौंका गया।हालाँकि कहने वाले तो ये भी कह रहे हैं कि अरविन्द का ये उद्घोष मोदी पर कटाक्ष ही था और इसे किसी तरह से नहीं लिया जाना चाहिए।अब ये क्या था ये तो अरविन्द और विश्वास ही जानें।
जय श्री राम।

Comments

About Akshay Anand

mm
Akshay Anand write about the Political category at thenachiketa

Check Also

c161019f-770f-4709-83b4-71989538f3de

10 Reasons Why BJP Will Lose Delhi MCD Election 2017

The municipal election in Delhi is scheduled to take place on April 23, with the …

Advertisment ad adsense adlogger