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भूमि अधिग्रहण के नाम पर गरीब किसानों पर कब तक होती रहेगी “सर्जिकल स्ट्राइक”

पिछले दिनों झारखण्ड के हज़ारीa99d8ac8-2b79-4f5c-b3ef-20748dbbf36bबाग़ के बड़कागांव में NTPC को अपनी जमीन देने के बदले उचित मुवावजा और घर के एक सदस्य को नौकरी की मांग करते हुए किसानों पर पुलिस ने गोली चला दी।पुलिस की गोली से चार लोगों की मौत हो गयी और कई घायल हो गए।दरअसल ग्रामीण 17 दिनों से अपनी विधायक निर्मला देवी के नेतृत्व में ‘कफ़न सत्याग्रह’ पर बैठे थे।तड़के सुबह पुलिस निर्मला देवी को गिरफ्तार कर ले जाने लगी,जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया और पुलिस की गाड़ी के आगे लेट गए।इसी बीच ग्रामीणों ने पुलिस के कब्जे से निर्मला देवी को छुड़ा लिया।इसके बाद पुलिस ने निहत्थे आदिवासियों पर गोली चला दी।इस घटना के विरोध में पुरे राज्य में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।झामुमो,कांग्रेस,झाविमो,राजद,जदयू ने इसके विरोध में प्रदर्शन किया और सरकार पर तानाशाह होने का आरोप लगाया।

69e3c450-72d8-46d7-aaac-9c001a246159इस मामले पर राज्य की राजनीती में आम आदमी पार्टी भी कूद पड़ी और इसके दिल्ली के विधायक और बिहार-झारखण्ड प्रभारी संजीव झा पिछले दिनों बड़कागांव पहुंचे और मृत तथा घायल लोगों के परिजनों से मुलाकात की।इसी विरोध प्रदर्शन को आगे बढ़ाते हुए 16 अक्टूबर को संजीव झा के नेतृत्व में रांची में हजारों आप कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और राज्यपाल को ज्ञापन सौंप कर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की ,मृतक के परिवार को 50 लाख रूपये मुआवजा देने ,परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने तथा दोषियों को सजा दिलाने की मांग की।संजीव झा ने रघुवर सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया।कहा कि सरकार घमण्ड में चूर है।इस मामले के विरोध में जेएनयू के छात्रों ने भी दिल्ली स्थित झारखण्ड भवन पर प्रदर्शन किया।इस मामले ने एक बार फिर देश में विकास के नाम पर जमीन अधिग्रहण करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अकसर देश के अलग अलग हिस्सों से जमीन अधिग्रहण के विरोध की खबरें आती रहती हैं।कहीं लाठी चार्ज तो कहिं गोली चलने तक की खबर आती है।इस मामले में भी जिस तरह पुलिस ने गोली चलायी वो सवालों के घेरे में है और पुलिस की सर्विस मैन्युअल के भी खिलाफ है।पुलिस को ऐसे मामलों से निपटने की अलग से ट्रेनिग दी जाती है कि अगर भीड़ उग्र भी हो जाये तो भी लाठी चार्ज ,आंसू गैस के गोले छोड़ने,पानी की बौछार कर के भीड़ को तीतर बितर करने का प्रावधान है ।

15a18afe-a9c0-4320-99b1-33baffe19537अगर फिर भी मामला नहीं सम्भले तब गोली चलाने की इजाजत होती है ,ये गोली भी पैर में मारने का निर्देश है ,जबकि यहां जिन लोगों की भी मृत्यु हुई है या जो घायल हुए हैं ,उनमें से ज्यादातर लोगों को कन्धा या कमर के ऊपर गोली मारी गयी है।किसानों का कहना था एक बार मुआवजे की रकम खत्म हो जाने के बाद उनका गुजारा कैसे होगा।उनकी जमीन उपजाऊ है और इसमें साल भर में तीन फसलें होती हैं।इसलिए उनकी मुआवजे की रकम बढ़ाई जाये और परिवार से किसी एक सदस्य को नौकरी भी दी जाये।अगर देखा जाये तो ये मांग इतनी भी ज्यादा नहीं है कि उसे पूरा न किया जा सके और अगर पूरा न किया जाये तो कम से कम अपने ही नागरिकों से आतंकवादियों जैसा व्यवहार तो बिलकुल न किया जाये।

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