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दिल्ली में इमरजेंसी के हालात,दिल्ली की आधी कैबिनेट गिरफ्तार!

बुधवार को जो दिल्ली में हुआ उसने एक बार फिर इमरजेंसी की याद दिला दी।वन रैंक वन पेंशन को लेकर आत्महत्या करने वाले पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल के परिवार से मिलने की कोशिश में दिल्ली के मुख्यमंत्री को अपने ही राज्य में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।उन्हें अपने राज्य के हॉस्पिटल में नहीं जाने दिया गया।दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ,मंत्री गोपाल राय एवं कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को भी गिरफ्तार किया गया।
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ये शायद देश में ऐसा पहला मौका होगा जब कोई मुख्यमंत्री एक सैनिक के परिवार से मिलने के कारण गिरफ्तार किया गया हो।इमरजेंसी की याद दिलाई एक और घटनाक्रम ने जब दिल्ली पुलिस ने शहीद सैनिक के बेटे,दामाद और परिवार के कई सदस्यों को न सिर्फ गिरफ्तार किया बल्कि उनके साथ मारपीट भी की ।इस कार्रवाई का बचाव करते हुए उपराज्यपाल के सबसे खास अफसर मुकेश मीणा ने कहा कि उनके परिवार को इसलिए गिरफ्तार किया गया क्योंकि वो लोग राजनितिक दलों से संपर्क कर रहे थे।ये कितना वाहियात पक्ष है ये सभी जानते हैं।क्या केंद्र सरकार ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है ?क्या इन्हें नक्सली संगठन घोषित किया गया है?या फिर इन्हें देश के लिए खतरा बताने वाले संगठनों की सूचि में डाला गया है?नहिं न!फिर अगर देश का कोई नागरिक इनसे मदद मांगता है तो उसे किस कानून के तहत गिरफ्तार किया गया?दरअसल बात है मानसिकता की ,सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जिस सेना की पीठ पर सवार होकर बीजेपी आने वाले विधानसभा चुनाव जीतने की जुगत में है,उन प्रयासों को रामकिशन की मौत ने कड़ा झटका दिया है।

इसलिये दिल्ली पुलिस अपने आकाओं के आदेश पर इन हरकतों पर उतर आई है।अभी दिल्ली सरकार में मुख्यमंत्री सहित 6 मंत्री हैं जिनमें से 3 यानि आधी कैबिनेट जेल में थी।इसके कारण कैबिनेट की मीटिंग भी स्थगित करनी पड़ी।गृह मंत्री एक तरफ कहते हैं कि दिल्ली पुलिस को रिस्क कम करने के लिए जो भी कदम उठाने होंगे वो उठायेगी।फिर जब देर रात तक अरविन्द केजरीवाल गिरफ्तार रहते हैं,लोगों में इसके प्रति सही सन्देश नहीं जाता,तो मीडिया में सूत्रों के हवाले से एक खबर आती है की दिल्ली पुलिस से गृह मंत्रालय नाराज।तो राजनाथ सिंह जी आप क्या ये सन्देश देना चाहते हैं कि दिल्ली के मुख्यमंत्री,उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को बिना केंद्र की अनुमति के गिरफ्तार किया गया।सत्ता के गलियारों में ये आम राय है कि गृहमंत्रालय भी पीएमओ के इशारे पर ही ऐसे काम करता है,तो उनसे ज्यादा उम्मीद भी नहीं की जा सकती।।एक और मंत्री हैं जनरल वि के सिंह ,सेनाध्यक्ष रहे हैं उन्होंने बयान दिया की मृतक सैनिक की मानसिक स्थिति की जाँच होनी चाहिए।साथ ही उन्होंने कहा कि रामकिशन कांग्रेस का कार्यकर्ता था।ये कितना शर्मनाक है कि दो बार राष्ट्रपति पुरस्कार और दो बार सेनाध्यक्ष मेडल से सम्मानित एक पूर्व सैनिक के बारे में एक पूर्व सेनाध्यक्ष ऐसा बयान दे रहा है।अगर कोई सैनिक रिटायरमेंट के बाद किसी पार्टी का सदस्य बन जाता है तो क्या उसकी जिंदगी भर की गयी देश की सेवा का कोई महत्व नहीं ?अगर ऐसा है तो फिर वी के सिंह भी खुद इस तरह से ही राजनीती में आये हैं।तो क्या अपने सेना के इतिहास को भुला देंगे ?
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इसका जवाब देते हुए डॉ कुमार विश्वास ने कहा कि वी के सिंह ने #OROP के आंदोलन का सौदा करके बीजेपी की टिकट हासिल की और फिर मंत्री बने और आज वही सैनिकों की मानसिक स्थिति पर सवाल उठा रहे हैं,ये बेहद ही शर्मनाक है।जहर खाने के बाद रामकिशन ने अपने बेटे से बात की जिसमें उन्होंने कहा कि वो देश के सैनिकों के लिये अपनी जान दे रहे हैं।बेटे के ये कहने पर की आपने हार कैसे मान ली ?रामकिशन ने जवाब दिया की वो क़ुरबानी दे रहे हैं।उधर आम आदमी पार्टी की रैली में किसान गजेंद्र सिंह की मौत पर तुरन्त ट्वीट कर दुःख जताने वाले प्रधानमंत्री मोदी ने अभी तक एक सैनिक की मौत पर कुछ नहीं कहा, न ही ट्विटर पे और न ही सार्वजनिक समारोह में ।
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प्रधानमंत्री शाम को रामनाथ गोयनका पुरस्कार बाँट रहे थे,और उधर मृत सैनिक का परिवार अब भी पुलिस हिरासत में था।खैर एक एक कर दिल्ली पुलिस ने सभी नेताओं को छोड़ना शुरु किया,आखिर में करीब 12 बजे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को रिहा किया गया।इस बीच मृत सैनिक का पोस्टमार्टम कराया गया।दिल्ली के मुख्यमंत्री गिरफ्तार करने की घटना की चहुंओर निंदा हो रही है।पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ऐसी स्थिति को अस्वीकार करार दिया है।
आज उनके पैतृक गांव में रामकिशन का अंतिम संस्कार किया गया।जिसमें शामिल होने के लिये दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी पहुंचे ,परिवार से मिलकर वो भावुक हो गए।उन्होंने रामकिशन को शहीद का दर्जा देने की बात की साथ ही उनके परिजनों को 1 करोड़ रूपये देने की भी बात की है।

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